थानेदार की दबंगई,रास्ते पर जा रहे युवक की बिना दोष कर दी पिटाई

सरबई,छतरपुर : पुलिस के उच्चाधिकारी भले ही आम जनमानस से संवाद कर पुलिस और जनता के गीत अच्छे संबंध स्थापित करने की कवायद में लगे हों पर यहाँ कुछ पुलिसकर्मी पूर्णता अपनी तानाशाही पर उतारू है और उच्छाधिकारियों के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं। बिना किसी बात किसी भी युवक को रास्ते पर पीट देना और उसे किसी भी धारा में उठाकर बंद करने की धमकी देना इस थानेदार के लिए आम बात हो गई है छोटे कस्बों में पुलिस आज भी जनता के दिलों में अपना खौफ फैलाने से नहीं चूक रही है ऐसा ही एक मामला सरबई थाने का प्रकाश में आया है। जहाँ थाने में पदस्थ थाना इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुनील मेहर ने बीती दिनों अपने घर से शाम 7:00 बजे निकले एक युवक को बुरी तरह पीट दिया इतना ही नहीं युवक को धमकाते हुए थानेदार ने यह भी कहा कि अगर तुमने कहीं शिकायत की तो मैं तुम्हें किसी भी धारा में उठाकर बंद कर दूंगा। घटना से आहत हुए सरबई निवासी विपिन दुबे ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिले के मुखिया एसपी तिलक सिंह को एक आवेदन के माध्यम से दी घटना के पांच रोज बीत जाने के बाद जी जब दोषी थानेदार के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने ज्ञापन नायब तहसीलदार सरबई को सौंपा। पूरे घटनाक्रम में कहीं ना कहीं दरोगा की दबंगई स्पष्ट रूप से देखने में आ रही है अपने घर से शाम 7:00 बजे विपिन चंद कदम की दूरी पर स्थित किराना दुकान पर कुछ सामान लेने के लिए निकला ही था कि थाना प्रभारी ने उसे दबोच लिया साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट भी कर दी। पूरे मामले पर उच्च अधिकारी आज भी चुप्पी साधे हुए बैठे हैं जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं ना कहीं उच्च अधिकारियों के द्वरा जो आम जनता से संवाद स्थापित कर पुलिस और जनता बीच की दूरियां मिटाने की बात कही जा रही है ये सिर्फ एक ढकोसला ही है।

अपनी कार्य प्रणाली के चलते चर्चा में रहते है थानेदार

बीते दिनों सरबई में एक के बाद एक लगातार हुई चोरियों से स्थानीय लोगों में पुलिस को लेकर रोष वयाप्त है,इतना ही नही सरबई ग्राम पंचायत में जगह जगह शराब गांजा खुलेआम बिक रहा है। शाम के समय सड़क पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में बड़ी दिक्कत से होकर गुजरना पड़ता है पर स्थानीय पुलिस के द्वारा ऐसे लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती ग्राम पंचायत में जगह जगह चल रहा जुआ भी किसी से छुपा हुआ नहीं रोज लाखों रुपए का जुआ सरबई ग्राम पंचायत के विभिन्न स्थानों में होता है पर पुलिस के द्वारा इन फूलों पर कभी छापा नहीं डाला जाता। यदि कोई समाजसेवी साहब से इस विषय पर बात भी करता है तो साहब उसी को धमकी देने लगते हैं मीडिया में विभिन्न मामलों में लगातार सुर्खियों में रहे थाना प्रभारी के ऊपर आखिर क्यों मेहरबान है।जिले के उच्च अधिकारी यह बात समझ से परे अब देखना है कि इस पूरे मामले पर क्या पीड़ित को न्याय मिलता है या फिर उच्च अधिकारियों द्वारा इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाला जाता है।

बीते दिनों स्थानीय पत्रकारों से की थी अभद्रता

एक मामले का कवरेज करने पहुचे पत्रकारों से थाना प्रभारी ने अभद्र व्यवहार करते हुए पत्रकारों को झूठे केश में फ़साने की धमकी भी दी थी इतना ही दूसरे दिन मुख्य सड़क पर उनकी गाड़ी खड़ी करवाकर पूरी गाड़ी सर्चिंग भी कर डाली जब पत्रकारों ने पूछा कि हमारीं ही गाड़ी की चेकिंग क्यों तो साहब बोले आपकी गाड़ी में शराब होने की सूचना मिली थी। जिस कारण आपकी गाड़ी चेक की गई,अब जब साहब पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार कर सकते हैं तो आम जन के साथ ऐसा घटनाक्रम घटना तो लाजमी है।