रायबरेली: छप्पर गिरने से अस्पताल से लाए घर में गरीब ने तोड़ा दम, परिजनों में छाया मातम

शिवाकांत अवस्थी : घटना जनपद रायबरेली के तहसील महराजगंज का है जहां बीते 7 दिन पूर्व गरीबी का दंश झेल रहे एक किसान पर भारी बारिश के चलते छप्पर गिर जाने से घायल हो गया था, जिसको परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज लाए थे हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन तबीयत न सही होने पर जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।

आपको अवगत करा दें कि, गरीब किसान को परिजनों द्वारा अस्पताल से कल घर लाया गया और बीती रात 3:00 बजे किसान ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, तो वहीं हल्का लेखपाल ने व राजस्व निरीक्षक ने मौके पर जाकर मौका मुआयना कर अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है।

कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में महादेव पुत्र सरजू निवासी पूरे कूमेदान मजरे टीसाखानापुर ने कहा है कि मेरा भाई छोटे लाल पुत्र सरजू उम्र 54 वर्ष 5 अगस्त को गांव में ही छप्पर के नीचे लेटा था, तभी भीषण बारिश के चलते मेरे भाई छोटेलाल के ऊपर छप्पर गिर गया था, जिसके चलते गर्दन की हड्डी टूट गई, और हम सभी आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाए थे जहां पर हालत नाजुक देख चिकित्सकों की टीम ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पर भी तबीयत ना ठीक होने पर लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
काफी इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला और कल जैसे ही घर लाया गया बीती रात 3:00 बजे मेरे भाई छोटे लाल ने दम तोड़ दिया। जिसकी सूचना मैं लिखित तौर पर कोतवाली पुलिस को दे दी है, और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को भी सूचित कर दिया गया।
वही मृतक छोटेलाल गांव में ही तीन छप्पर रखकर पत्नी पार्वती उम्र 52 वर्ष बेटी पूजा उम्र 16 वर्ष के साथ रहकर किसी तरह अपने परिवार का पेट पालता था और परिवार का भरण पोषण करता था लेकिन भारी बारिश व इंद्र देवता के प्रकोप के चलते 5 अगस्त को छोटेलाल के ऊपर गिरे छप्पर ने मानव परिवार पर पहाड़ सा टूट गया हूं और छोटे लाल को आखिरकार 7 दिन बाद मौत के आगोश में समाना पड़ा। जिसको लेकर शोक संवेदना पूरे क्षेत्र में व्याप्त है। वही विकासखंड में बैठे अधिकारी व तहसील प्रशासन द्वारा रोज नित नए नए वादे किए जाते हैं। कि गरीबों के लिए आवास की सुविधा मुहैया कराई जाएगी लेकिन मृतक छोटेलाल को आज तक ना तो आवास मिला ना ही शौचालय जबकि पूरा परिवार भीषण बारिश के चलते आज भी छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है।

मामले में एसडीएम शालिनी प्रभाकर का कहना है कि बारिश के चलते छप्पर गिरने से ही किसान की मौत हुई है राजस्व टीम को भेजा गया था रिपोर्ट मिली है शासन द्वारा हर संभव मदद, पीड़ित परिवार को दी जाएगी।