प्रेमी टीचर के कमरे में मिली इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रा की लाश, मिला दो पेज का सुसाइड नोट

इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एमएड प्रथम वर्ष की छात्रा की लाश सोमवार को उसके शिक्षक प्रेमी के कमरे मिली। इससे मुहल्ले में खलबली मच गई। कर्नलगंज पुलिस को कमरे में सुसाइड नोट मिला है। प्रेमी शिक्षक संजय कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले को त्रिकोणीय प्रेम संबंध से भी जोड़कर देख रही है।

प्रेमी के कमरे पर जाकर लगाई फांसी

वाराणसी के रामनगर के रहने वाले चंद्रबली राजकीय संप्रेक्षण गृह फिरोजाबाद में तैनात हैं। इनकी बेटी ममता (27) इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एमएड प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह यहां विश्वविद्यालय के शताब्दी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बता दें कि गोपालपुर निवासी संजय कुमार, मोती लाल नेहरू रोड पर अधिवक्ता विनय द्विवेदी के मकान में कुछ साल किराए पर रह रहा है। वह प्रतापगढ़ स्थित एक कॉलेज में शिक्षक है। करीब दो साल पहले उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए ममता से हुई। दोस्ती प्रगाढ़ हुई तो प्रेम हो गया। इसके बाद ममता उसके कमरे पर भी आने-जाने लगी। संजय सोमवार को कॉलेज चला गया। दोपहर बाद वह लौटा तो ममता दुपट्टे से बनाए गए फंदे पर लटक रही थी। संजय ने अकेले ही ममता को फंदे से उतारा और मकान मालिक को खबर दी।

त्रिकोणीय प्रेम संबंध से जोड़कर देख रही है पुलिस

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने जब मकान मालिक से पूछताछ की तो पता चला कि संजय ने मकान मालिक को ममता का परिचय अपनी भांजी के रूप में दिया था। उन्होंने बताया कि कमरे की एक चाभी ममता के पास रहती थी। पुलिस जांच में मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में ममता ने आत्महत्या का कारण अंजली को बताया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को त्रिकोणीय प्रेम संबंध से जोड़कर देख रही है।

क्या लिखा हैं सुसाइड नोट में

पुलिस को कमरे से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि मुझे यह पता है, मेरे मरने के बाद भी ये लोग वही उल्टी सीधी बाते करेंगे। जिस वजह से मैं ये कदम उठाने को मजबूर हुई। इसमें एक लड़की भी आएगी अंजली। जो इसकी पूरी करता-धर्ता है। इस लड़की ने मेरी पूरी जिंदगी बरबाद कर दी मम्मी। ईश्वर इसे कभी माफ नहीं करेगा। मेरे मरने के बाद अगर कोई भी अंग सही रहता है तो उसे किसी जरूरतमंद को दान कर दिया जाए। यही मेरी अंतिम इच्छा है। मम्मी मुझे माफ करना, मुझसे अब नहीं जिया जा रहा है। बहुत सोचने के बाद भी मैं इससे ज्यादा नहीं सोच पाई। मम्मी मेरी जिंदगी नर्क हो गई है। माफ करना मम्मी।

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