कैश के लिए भटक रहे हैं लोग, सरकार-RBI ने कहा- टेंशन ना लें…

नयी दिल्ली। कैश संकट से सरकार सकते में है और लगातार सफाई पेश कर रही है कैश संकट के इस मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि उन्होंने पूरी स्थिति की समीक्षा की है देश में कैश की कमी नहीं है सिर्फ कुछ जगहों पर अचानक मांग बढ़ जाने से ये दिक्कत सामने आई है।देश के कई हिस्सों में एक बार फिर कैश का संकट सामने आया है कुछ जगह तो ये हालात नोटबंदी के जैसे हो गए हैं।

वित्तमंत्री ने मंगलवार को ट्वीट किया मैंने देश की कैश समस्या की समीक्षा की है बाज़ार और बैंकों में पर्याप्त मात्रा में कैश मौजूद है जो एक दम दिक्कतें सामने आई हैं वो इसलिए है क्योंकि कुछ जगहों पर अचानक कैश की मांग बढ़ी है।

देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से एटीएम में कैश न उपलब्ध होने से फिर नोटबंदी जैसी परेशानी का माहौल बनने लगा लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए आखिरकार रिजर्व बैंक और सरकार को आगे आना पड़ा।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है अमेठी दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अच्छे दिनों का वादा किया था लेकिन देश एक बार फिर कतारों में खड़ा है क्या इन्हीं अच्छे दिनों की बात की जा रही थी राहुल ने कहा कि हमें संसद में बोलने नहीं दिया जाता है अगर मैं 15 मिनट संसद में भाषण दूं तो प्रधानमंत्री हमारे सामने खड़े नहीं हो पाएंगे।

कैश संकट पर वित्तमंत्री के बाद अब आरबीआई का भी बयान आया है आरबीआई ने कहा है कि देश में कैश का कोई संकट नहीं है बैंकों के पास पर्याप्त मात्रा में कैश मौजूद है सिर्फ कुछ एटीएम में ही लोजिस्टिक समस्या के कारण ये संकट पैदा हो गया है।

आरबीआई ने कहा कि एटीएम के अलावा बैंक ब्रांच में भी भरपूर मात्रा में कैश मौजूद है आरबीआई ने सभी बैंकों को आदेश दिया है कि वह एटीएम में कैश की व्यवस्था करे RBI ने कहा है कि मार्च-अप्रैल के दौरान इस प्रकार की समस्या आती है पिछेल साल भी ऐसा हुआ था ये सिर्फ एक-दो दिनों के लिए ही है।

आपको बता दें कि अरुण जेटली से पहले वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने भी बयान दिया था कैश की किल्लत दो-तीन दिन में दूर हो जाएगी और देश में नगदी की कोई कमी नहीं है।

केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि फिलहाल रिजर्व बैंक के पास 1,25,000 करोड़ रुपये की नगदी है समस्या बस कुछ असमानता की हालत बन जाने की वजह से हुई है कुछ राज्यों में कम करेंसी है तो कुछ में ज्यादा सरकार ने राज्यवार समितियां बनाई हैं और रिजर्व बैंक ने भी अपनी एक कमिटी बनाई है ताकि एक से दूसरे राज्य तक नकदी का ट्रांसफर हो सके।

उन्होंने कहा रिजर्व बैंक पैसों की राज्यों में असमानता को खत्म कर रहा है एक राज्य से दूसरे राज्य में पैसे पहुंच रहे हैं बिना रिजर्व बैंक के आदेश के ही प्रांतों में स्थ‍िति कैसे ठीक की जा सकती है इसका अध्ययन कर रहे हैं पैसे की कोई कमी नहीं है नोटबंदी की तरह कमी नहीं होने देंगे हालात ठीक हो जाएंगे।

सरकार के अलावा रिजर्व बैंक भी इस समस्या सामने आने के बाद एक्टिव हो गया है रिजर्व बैंक ने इन राज्यों में नगदी की आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए हैं और उम्मीद जताई है कि जल्दी ही हालात सामान्य हो जाएंगे रिजर्व बैंक के सूत्रों का कहना है कि असम आंध्र प्रदेश तेलंगाना कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में लोगों के जरूरत से ज्यादा नकदी निकालने की वजह से यह संकट खड़ा हुआ है।

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