प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाइकिंग क्वींस और उनके शानदार उद्देश्य की यात्रा का समर्थन किया

विवेक अरोड़ा: बाइक राइडिंग देश की आधी से अधिक आबादी को आती है, लेकिन एक खास मकसद के साथ बाइक की सवारी करना अलग ही महत्व रखता है। कुछ ऐसे ही मकसद के साथ सूरत की बाइकिंग क्वींस पूरे देश की यात्रा कर रही हैं और अपने नेक इरादे के साथ देशवासियों का दिल जीत रही हैं। हालांकि, इस पुरुष प्रधान दुनिया में बाइक के साथ बड़े पैमाने पर पुरुषों का वर्चस्व जुड़ा हुआ है, लेकिन जिद एवं जुनून की धनी 40 महिला बाइकर्स ने ऐसी तमाम छवियों एवं धारणाओं को न केवल खंडित किया है, बल्कि एक उल्लेखनीय उदाहरण भी पेश किया है। ‘महिलाओं पहले से शक्ति संपन्न हैं’ के नारे के साथ अब इन बाइकिंग क्वींस का लक्ष्य कई रिकॉर्डों को ध्वस्त करना है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं दुबारा रिकॉर्ड तोड़ने की यात्रा पर सूरत से निकलीं बाइकिंग क्वींस की। इन महिला बाइकिंग क्वींस की टोली में प्रोफेशनल्स, हाउस वाइफ, स्टूडेंट के साथ समाज की अन्य महिलाएं भी शामिल हैं, जिनका नारा है ‘सशक्त नारी, सशक्त भारत’। बाइकिंग क्वींस की यह यात्रा सूरत से शुरू होकर कन्याकुमारी, वाराणसी, खरदुंग ला, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और दिल्ली तक पहुंच चुकी है, यानी अब तक इन बाइकिंग क्वींस ने दस हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर पूरा कर लिया है। अपनी इस अनोखी यात्रा में बाइकिंग क्वींस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख अभियानों- ‘बेटी बचाओ’, ‘नारी सशक्तिकरण’, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के साथ पूरे देश में ‘सशक्त नारी, सशक्त भारत’ का संदेश फैला रही हैं। खास बात यह है कि अपनी इस अनोखी यात्रा के दौरान बाइकिंग क्वींस समाज के हर वर्ग एवं तबके के लोगों, सरकारी-गैरसरकारी संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज तक पहुंच कर इन संदेशों को फैलाने में मदद करने की अपील भी कर रही हैं। उन्होंने अपने विभिन्न अभियानों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा आदि की चिंता का भी ध्यान रखा। सूरत के बाइकिंग क्वीन ने 71वें स्वतंत्रता दिवस को इस अद्भुत लक्ष्य के साथ मनाया। उन्होंने अपनी प्रेरक जीवन की कहानी के माध्यम से जागरूकता फैलाने के लिए जीवन का अपना अहम हिस्सा दे रही हैं, जो सम्मान, समानता और समानता के जीवन की महिलाओं की इच्छाओं, उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है।
अपनी इसी अनूठी यात्रा के दौरान ये बाइकिंग क्वींस राजधानी दिल्ली पहुंची और मीडिया से मुखातिब हुईं। संवाददाता सम्मेलन में 40 बाइकिंग क्वीन मौजूद थीं। खास बात यह कि ये बाइिकंग क्वींस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंच करने के बाद मीडिया से रूबरू हुईं, क्योंकि इन बाइिकंग क्वींस का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिए तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करना ही है। यही वजह रही कि प्रधानमंत्री ने भी इन बाइिकंग क्वींस के हौसले को न केवल सलाम किया, बल्कि इनके साथ उनके अभियान के अनुभव के बारे में बात भी की। उन्होंने इस यात्रा के दौरान बाइकिंग क्वींस के सामने आनेवाली कठिनाइयों के बारे में भी चर्चा की और इनकी तस्वीरें भी अपने ट्वीटर पर साझा की हैं।
बाइकिंग क्वींस की स्थापना करने वाली डॉ. सारिका मेहता ने अपनी इस यात्रा के बारे में बताया, ‘हमने अपनी इस यात्रा में कई योग्य क्षणों का अनुभव किया है। हमें राज्यों और गांवों से सकारात्मक और सफल प्रतिक्रिया भी मिलीं। हालांकि, कुछ मार्ग बेहद कठिन थे, लेकिन हम जोखिम उठाने के लिए भी प्रसिद्ध हैं और हमने कई बाधाओं को आराम से पार किया है। चूंकि हम सब बेहतर भारत का सपना देखते हैं और प्रत्येक व्यक्ति से ऐसा ही सपना देखने का आग्रह करते हैं। मैं देश की हर महिला को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए कहूंगी, ताकि वे अपने सपने को पूरा करने कर सकें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन हमें हासिल है और उनसे बहुत मदद मिली है, जो हमें बहुत प्रेरित करती है।’

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